प्रादेशिक आर्म्‍ड कांस्टेबुलरी ( पीएसी )

पीएसी बल सर्वोत्तम बल

म्‍यूजियम

म्‍यूजियम पीएसी बल की ऐतिहासिक विरासत और वीरता को समर्पित है। यह म्‍यूजियम कानपुर में स्थित है और इसमें PAC के गठन, उनके अभियानों, उपलब्धियों और शहीद जवानों की यादों को संजोया गया है। म्‍यूजियम में हथियार, वर्दियाँ, दुर्लभ दस्तावेज़, चित्र और मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं, जो PAC के गौरवशाली इतिहास को दर्शाते हैं। यह स्थान न केवल सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान जगाता है, बल्कि युवाओं को प्रेरणा भी देता है।

स्पोर्ट्स

स्पोर्ट्स विभाग जवानों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यहां विभिन्न खेलों जैसे फुटबॉल, हॉकी, कुश्ती, एथलेटिक्स, कबड्डी, बॉक्सिंग आदि की नियमित प्रशिक्षण व्यवस्था होती है। PAC के खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर कई बार पुरस्कार जीत चुके हैं। खेलों के माध्यम से जवानों में अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास का विकास होता है।

बैण्‍ड

बैंड यूनिट उत्तर प्रदेश पुलिस बल की एक गर्वपूर्ण और अनुशासित शाखा है, जो राष्ट्रीय समारोहों, राजकीय कार्यक्रमों, पुलिस परेडों और विशेष अवसरों पर संगीत प्रस्तुत करती है। यह बैंड पारंपरिक और आधुनिक वाद्ययंत्रों का प्रयोग करते हुए देशभक्ति गीतों और मार्चिंग धुनों की प्रस्तुति देता है,  जिससे आपसी समन्वय भी बढ़ता है। पीएसी राष्ट्रीय स्तर पर भी अपने संगीत कौशल का प्रदर्शन कर चुके हैं।

गुड वर्क/गुड वर्क/प्रेस विज्ञप्ति

पीएसी न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय है, बल्कि आपदा राहत, दंगों पर नियंत्रण, चुनाव ड्यूटी और विशेष ऑपरेशनों में भी अहम भूमिका निभाती है। इसके जवानों का अनुशासन, साहस और तत्परता अक्सर प्रशंसा का विषय बनती है। जब भी PAC कोई सराहनीय कार्य करती है—जैसे बचाव कार्य, अपराधियों की गिरफ्तारी या शांति बहाली—तो उसकी जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से साझा की जाती है।

प्रादेशिक आर्म्‍ड कांस्टेबुलरी

पीएसी इतिहास

1940 में द्वितीय विश्‍व युद्ध के दौरान उत्तर प्रदेश सेना पुलिस की 13 कम्‍पनियां आंतरिक सुरक्षा बनाये रखने हेतु गठित की गयी जिनकी संख्‍या युद्ध के दौरान बढा कर 36 कम्‍पनियां की गयी । सितंबर 1947 में इसके पुर्नगठन की कार्यवाही की गयी जिनमें 11 बटालियन ( 86 कम्‍पनियां ) गठित की गयीं। ग्यारहवीं बटालियन, पीएसी को प्रशिक्षण बटालियन बनाया गया। वर्ष 1948 में उत्तर प्रदेश सैन्य पुलिस व उत्तर प्रदेश राज्य सशस्त्र पुलिस को मिलाकर प्रादेशिक आर्म्‍ड कांस्टेबुलरी बना। स्थानीय पुलिस द्वारा अपने बल पर गम्‍भीर कानून एवं व्‍यवस्‍था की स्‍थति को न संभाल पाने के कारण सेना की लगातार तैनाती को रोकने के लिए पीएसी का गठन किया गया था। हालांकि पीएसी का गठन उत्तर प्रदेश में कार्य करने के हुआ था परन्‍तु पीएसी को सम्‍पूर्ण देश में सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ ।

 

Read More

पीएसी

कर्तव्य और उत्तरदायित्व

त्यौहारों, मेलों और चुनावों आदि के दौरान।

तीर्थ सुरक्षा

    • श्री राम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या
    • श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी
    • श्री कृष्ण जन्मभूमि, मथुरा
    • श्री गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर
कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में स्थानीय पुलिस की सहायता करना।
नक्सल विरोधी एवं नशा विरोधी अभियान।
बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदा राहत कार्य।
वीवीआईपी एवं वीआईपी सुरक्षा/हाउस गार्ड।
33

पीएसी बटालियन

273

कम्पनियां

33

बैण्‍ड

31

पुलिस माडर्न स्कूल

AWARDS

OUR GREAT ACHIEVEMENTS

प्रादेशिक आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी (पीएसी) उत्तर प्रदेश पुलिस का एक गौरवशाली बल है, जिसने राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आपदा प्रबंधन, साम्प्रदायिक सौहार्द और राष्ट्रीय सुरक्षा में अतुलनीय योगदान दिया है। पीएसी के जवान हर परिस्थिति में अनुशासन, साहस और सेवा भावना का परिचय देते हैं। चुनाव, दंगे, आपदाएँ या वीआईपी ड्यूटी — हर मोर्चे पर पीएसी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। बाढ़, भूकंप और आपदा राहत कार्यों में इस बल की तत्परता ने अनगिनत जीवन बचाए हैं। आधुनिक प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता और अदम्य मनोबल के साथ पीएसी निरंतर अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रही है। आतंकवाद और नक्सलवाद के विरुद्ध अभियानों में भी इस बल ने वीरता का परिचय दिया है। “सेवा, सुरक्षा और समर्पण” के मंत्र पर चलकर पीएसी ने जनता का विश्वास और सम्मान अर्जित किया है — यही इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।