प्रादेशिक आर्म्ड कांस्टेबुलरी
34वीं वाहिनी का इतिहास
गृह मन्त्रालय भारत सरकार नई दिल्ली के पत्र संख्याः11/98/71 जी एडक्यू दिनांक 18.11.1971 के आलोक में उत्तर प्रदेश शासन, गृह अनुभाग-दो के आदेश दिनांकित 14.02.1972 द्वारा यह वाहिनी इण्डिया रिजर्व वाहिनी के रूप में गठित हुई। सर्वप्रथम इस वाहिनी के लिये छः कम्पनिया क्रमशः 26वीं वाहिनी पीएसी गोरखपुर, 05वीं वाहिनी पीएसी रामनगर वाराणसी, 28वीं वाहिनी पीएसी चुनार मीरजापुर, चतुर्थ वाहिनी पीएसी धूमनगंज इलाहाबाद व 25वीं वाहिनी पीएसी नैनी इलाहाबाद में प्रशिक्षणोपरान्त संगठित होकर जुलाई, 1972 में चतुर्थ वाहिनी पीएसी इलाहाबाद में एकत्रित हुई, जहा से एशियाई मेला नई दिल्ली तथा शान्ति व्यवस्था ड्यूटी हेतु हैदराबाद, गोवा, पटना आदि दुर्गम/दूरस्थ स्थानों पर कठिन कर्तव्यों का निर्वहन करती हुई जनवरी 1974 में अलीगढ़ में पुनः वापस आयी, जहा वाहिनी का अस्थाई मुख्यालय स्थापित हुआ। दिनांक 26.03.1974 को पुनः यह वाहिनी अलीगढ़ से जम्मू कश्मीर में प्रतिनियुक्ति पर भेजी गयी। प्रतिनियुक्ति की अवधि समाप्त होने के उपरान्त यह वाहिनी दिनांक 02.02.1975 को जम्मू कश्मीर से पुलिस लाईन जनपद-वाराणसी व पंचकोसी मार्ग के धर्मशालाओं में अल्प समय के लिए अस्थायी रूप से आवासित होने के उपरान्त पुलिस उप महानिरीक्षक, पीएसी पूर्वी अनुभाग तथा तत्कालीन सेनानायक, 34वीं वाहिनी पीएसी एवं जिलाधिकारी, जनपद-वाराणसी व अन्य अधिकारियों के अथक प्रयास से ग्राम-भुल्लनपुर वाराणसी में स्थित पक्की चहारदीवारी से घिरी भुल्लनपुर कोठी व बालचन्द्र पैलेस के नाम से विख्यात मुख्य भवन एवं भूमि पर दिनांक 22-05-1976 को आवासित हुई। मार्च 1975 से यह वाहिनी उ0प्र0 की अन्य पीएसी वाहिनियों के समान प्रान्तीय सशस्त्र बल में समायोजित की गई।
इस वाहिनी का मुख्यालय वाराणसी कैण्ट रेलवे स्टेशन से 06 किमी की दूरी पर वाराणसी इलाहाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है। पक्की चहारदीवारी से घिरी इस कोठी के समस्त भूमि व भवन के मुख्य स्वामी राजा माधव मुन्शी लाल थे, जिनके उत्तराधिकारी मुन्शी कृष्ण लाल हुए, जिन्होने समस्त भवनों सहित संलग्न 71.57 एकड़ भूमि बड़ी रानी धर्मपत्नी स्व0 श्री महराजा शमशेर जंग बहादुर राणा, लेफ्टिनेन्ट जनरल शंकर शमशेर बहादुर राणा तथा मेजर जनरल मदन शमशेर जंग बहादुर राणा के हित में वर्ष 1936 ई0 में बेच दिया, जिसकी उत्तराधिकारी कालान्तर में रानी श्रीमती जगदम्बा कुमारी देवी हुईं। इस समस्त भूमि में से रानी जगदम्बा कुमारी देवी ने दान-पत्र के द्वारा वर्ष 1966 में 18.13 एकड़, 3.03 एकड, 10 एकड़ व 04 एकड़ भूमि क्रमशः बालचन्द्र पैलेस, ट्रस्ट श्री विद्याधर्म प्रचारिणी नैपाली समिति, श्री त्रैलोक्य मान्य जोशी व श्री बु़द्धिनाथ भट्टराई को प्रदान कर दिया गया तथा शेष भूमि व भवन स्वयं अपने पास ही रखा। जिसमें से मुख्य भवन व 35 एकड़ भूमि का रू0 3500-00 प्रति माह किराया वाहिनी द्वारा उन्हें दिया जाता रहा। ज्ञातव्य है कि भुल्लनपुर कोठी के नाम से प्रसिद्ध इस मुख्य भवन का निर्माण 1895 ई0 में हुआ। इस कोठी की ऊपरी छत पर एक धूप घड़ी निर्मित है, जिसे श्रीयुत माधव लाल मुन्शी की प्रेरणा से पण्डित चन्द्रदेव ने सम्वत् 1956 अर्थात 1900 ई0 में स्थापित कराया जो आज भी समय को प्रदर्शित करती है।
वाराणसी नगर में इस प्रकार की भूमि अन्यत्र मिलना दुर्लभ था, जिसके कारण इसी स्थान पर स्थाई रूप से इस वाहिनी को आवासित करने हेतु तत्कालीन ज्येष्ठ सहायक सेनानायक डा0 दयानिधि मिश्र तथा तत्कालीन सेनानायक श्री चन्द्रशेखर जेम्सदास के व्यक्तिगत प्रयास से 26 जून 1981 को चयन समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें तत्कालीन जिलाधिकारी वाराणसी, ज्येष्ठ पुलिस अधीक्षक वाराणसी, अधिशासी अभियन्ता सा0लो0नि0वि0 खण्ड वाराणसी, मुख्य चिकित्साधिकारी वाराणसी एवं सेनानायक, 34वीं वाहिनी पीएसी सदस्य थे। समिति ने सर्वसम्मति से वाहिनी के स्थायी निर्माण हेतु वर्तमान स्थल को उपयुक्त पाते हुए इसके क्रय व अधिग्रहण की संस्तुति की, तदोपरान्त पुलिस महानिरीक्षक पीएसी पूर्वी अनुभाग श्री जे0 एन0 अवस्थी के मार्ग-दर्शन में उपर्युक्त भूमि में से सींलिग मुक्त लगभग 25 एकड़ भूमि क्रय किये जाने हेतु उ0प्र0 शासन को तत्कालीन सेनानायक श्री चन्द्रशेखर जेम्स दास द्वारा ठोस प्रस्ताव प्रेषित किया गया।
भुल्लनपुर ग्राम में स्थित बालचन्द पैलेस के नाम से विख्यात मुख्य भवन, समस्त निर्मित स्थानों,पक्का तालाब सहित सीलिंग मुक्त 24.05 एकड़ भूमि को इनके स्वामीगण श्रीमती रानी जगदम्बा कुमारी देवी, श्री त्रैलोक्यमान जोशी, श्री बुद्धिनाथ भट्राई, विद्याधर्म प्रचारिणी नैपाली समिति बालचन्द्र पैलेस ट्रस्ट ने 34वीं वाहिनी पीएसी के हित में मार्च 31, 1983 को रू0 13,70,827-21 में बिक्रय व हस्तानान्तरण किया गया, जिससे वाहिनी के स्थायी निर्माण की परिकल्पना साकार हुई। इसका श्रेय श्री रामाश्रय, तत्कालीन पुलिस उपमहानिरीक्षक पीएसी पूर्वी अनुभाग, श्री मुमताज अहमद, तत्कालीन सेनानायक, डा0 दयानिधि मिश्र, तत्कालीन ज्येष्ठ सहायक सेनानायक को जाता है, जिनकी प्रशासनिक पटुता व अहर्निश व्यक्तिगत प्रयास से यह सम्भव हो सका। वाहिनी के स्थाई निर्माण के लिए क्रय हुई 24.05 एकड़ भूमि पर्याप्त न होने के कारण शेष 42.75 एकड़ भूमि के अर्जन हेतु डा0 दयानिधि मिश्र द्वारा प्राथमिक औपचारिकताओं की पूर्ति किये जाने के उपरान्त तत्कालीन सेनानायक श्री मुमताज अहमद द्वारा प्रभावी प्रस्ताव नियमानुसार उ0प्र0 शासन को प्रेषित किया गया।
सोलर पावर प्लान्ट की स्थापना
भारत सरकार द्वारा गैर पारम्परिक उर्जा श्रोत ‘‘सोलर पावर प्लान्ट’’ के उपयोग द्वारा बिजली की बचत के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से वाहिनी परिसर में भारत सरकार एवं यू0पी0 नेडा के द्वारा रू0 1,53,09,000-00 (एक करोड़ तिरपन लाख, नौ हजार) की लागत पर निःशुल्क 270 किलोवाट की क्षमता का ‘‘सोलर पावर प्लान्ट’’ स्थापित कराया गया है। अवगत कराया गया है कि सोलर पावर प्लान्ट से बिजली पर होने वाले व्यय में कमी आयेगी तथा निःशुल्क बिजली का उत्पादन सम्भव हो सकेगा। इस सोलर प्लान्ट से उत्पादित होने वाली बिजली को उ0प्र0 पावर कारपोरेशन, लिमिटेड द्वारा संचालित होने वाले पावर हाउस के ग्रिड से जोड़ दिया गया है तथा एक नेट मीटर (आयातित एवं निर्यातित बिजली का मूल्यांकन) कार्यदायी संस्था द्वारा लगाया गया। सोलर प्लान्ट से उत्पादित होने वाली बिजली नेट मीटर के माध्यम से ही पावर कारपोरेशन के ग्रिड को निर्यात की जा रही है। सोलर से निर्यातित मात्रा में बिजली के समानुपात में पावर कारपोरेशन द्वारा जो विद्युत सप्लाई वाहिनी को की जायेगी उसका कोई शुल्क पावर कारपोरेशन द्वारा नही लिया जाता है। यह कार्य प्रदेश में किसी भी वाहिनी में प्रथम बार हुआ है कि 270 किलोवाट की क्षमता का सोलर पावर प्लान्ट, जो भारत सरकार की योजना एवं लागत पर निःशुल्क लगवाया गया है।
श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर/ज्ञानवापी मस्जिद परिसर की सुरक्षा हेतु सुरक्षा लाईन्स बैरक का निर्माण
34वीं वाहिनी जोन क्षेत्र के अन्तर्गत श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर/ज्ञानवापी मस्जिद परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में प्रदेश की विभिन्न वाहिनियों से कुल 07 दल व्यवस्थापित रहते हैं, जिनके लिए जनपद-वाराणसी में कोई उपयुक्त कैम्प स्थल उपलब्ध नहीं था, जिसके समाधान हेतु जोन क्षेत्र में व्यवस्थापित 07 दलों हेतु 07 बैरक का निर्माण कार्य वाहिनी परिसर के अन्दर कराये जाने हेतु दिनांक 28.02.2011 को प्रस्ताव उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय, प्रयागराज के माध्यम से स्वीकृति हेतु उ0प्र0 शासन को प्रेषित किया गया, जिसके आधार पर उ0प्र0 शासन के शासनादेश संख्याः531/6-पु-7-13- 2(95)/2011 दिनांक 31.03.2013 द्वारा 02 बैरक तथा शासनादेश संख्याः218/2016/1042/6-पु- 7-16- 2(95)/2011 दिनांक 20.09.2016 द्वारा 05 बैरकों का निर्माण कार्य कराये जाने हेतु प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हेतु उ0प्र0 पुलिस आवास निगम, लिमिटेड को कार्यदायी संस्था नामित किया गया। कार्यदायी संस्था द्वारा स्वीकृत कुल 07 बैरकों का निर्माण कार्य पूर्ण होने के फलस्वरूप दिनांक 14.10.2016 को वाहिनी के भार पर हस्तानान्तरित कर लिया गया है, जिसमें श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर/ज्ञानवापी मस्जिद परिसर की सुरक्षा में नियुक्त दलों के जवान आवासित हैं।
पराक्रम प्रदर्शन/शहीद का विवरण
उ0प्र0 पीएसी मुख्यालय लखनऊ के पत्र संख्या पीएसी-1-484(1)84 दिनांक 27.08.1984 के अनुसार नवसृजित कम्पनियों के लिए रिक्रूट आरक्षियों को दिनांक 01.10.84 को भर्ती किया गया, तत्पश्चात इस वाहिनी में दो कम्पनी और क्रियाशील होने के उपरान्त कुल 08 कम्पनियों का गठन हुआ। पीएसी मुख्यालय लखनऊ के आदेश दिनंाकित 14.12.2005 एवं 21/22.12.2005 के अनुपालन में इस वाहिनी के ‘‘एच’’ कम्पनी को नव सृजित 48वीं इण्डिया रिजर्व वाहिनी राबर्ट्सगंज सोनभद्र भेज दी गयी, फलस्वरूप पुनः इस वाहिनी में कुल 07 कम्पनिया शेष रह गयीं। आदेश संख्या-सै0सहा0-25/2006 दिनांक 31.05.2006 के द्वारा वाहिनी के जी दल को कमाण्डो दल के रूप में परिवर्तित किया गया, जिसका व्यवस्थापन 02 प्लाटून 32वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ एवं 01 प्लाटून वाहिनी में गहन प्रशिक्षण हेतु रखा गया। इसी दौरान स्व0 आरक्षी 940560350 उमाशंकर यादव इस वाहिनी के कमाण्डों दल में कार्यरत रहते हुये एस0टी0एफ0, लखनऊ में ड्यूटी पर थे, जहा से इनकी ड्यूटी एस0टी0एफ0 टीम के साथ आई0एस0-229 अम्बिका पटेल उर्फ ठोकिया गैंग आपरेशन में थी, कि दिनांक 22.07.2007 की रात्रि में उक्त गैंग से कोल्हुआ जंगल चित्रकूट(बादा) में हुई मुठभेड़ के बाद वापस आते समय एस0टी0एफ0 टीम के ऊपर दस्यू दल द्वारा एम्बुस लगाकर किये गये हमलें में आरक्षी 940560350 उमाशंकर यादव शहीद हो गये।
34वीं वाहिनी पीएसी में सेनानायकों का कार्यकाल
| क्र0सं0 | नाम | कब से | कबतक |
|---|---|---|---|
| 1 | श्री एम0के0 राजू | 03.08.1973 | 02.07.1975 |
| 2 | श्री एम0सी0 जोहरी | 03.02.1976 | 14.06.1979 |
| 3 | श्री एस0आर0 दारापुरी | 16.07.1979 | 17.12.1980 |
| 4 | श्री सी0एस0 जमेशदास | 18.12.1980 | 07.07.1981 |
| 5 | श्री मुमताज अहमद | 08.07.1981 | 15.12.1983 |
| 6 | श्री प्रेमचन्द | 16.12.1983 | 25.08.1984 |
| 7 | श्री एम0डी0 पाठक | 13.07.1984 | 09.08.1989 |
| 8 | श्री एस0आर0 दारापुरी | 01.06.1990 | 03.07.1991 |
| 9 | श्री डी0सी0 पाण्डेय | 12.07.1991 | 08.06.1994 |
| 10 | श्री एम0ए0 गणपति | 09.06.1994 | 29.12.1994 |
| 11 | श्री जी0एन0 सिंह | 21.02.1995 | 31.12.1995 |
| 12 | श्री जी0एल0 मीना | 20.01.1996 | 16.08.1996 |
| 13 | श्री जी0एन0 सिंह | 15.12.1996 | 04.10.1997 |
| 14 | श्री मुरलीधर | 04.10.1997 | 30.11..2001 |
| 15 | श्री प्रकाश डी | 11.12.2001 | 10.05.2002 |
| 16 | श्री एस0एन0 साबत | 21.05.2002 | 03.01.2003 |
| 17 | श्री प्रकाश डी | 25.06.2003 | 05.07.2003 |
| 18 | श्री एस0एन0 साबत | 06.07.2003 | 25.05.2004 |
| 19 | श्री एच0एस0 शुक्ला | 04.07.2004 | 31.01.2006 |
| 20 | श्री राजा श्रीवास्तव | 12.02.2006 | 30.05.2006 |
| 21 | श्री नवीन अरोरा | 16.06.2007 | 17.08.2007 |
| 22 | श्री एस0के0 भगत | 25.08.2007 | 24.10.2007 |
| 23 | श्री के0 सत्यनारायण | 16.02.2008 | 16.11.2009 |
| 24 | श्री आर0पी0 चतुर्वेदी | 14.02.2010 | 11.05.2012 |
| 25 | श्री हीरा लाल | 24.10.2013 | 12.11.2013 |
| 26 | श्री राजेश डी मोदक | 19.02.2014 | 21.12.2014 |
| 27 | श्री पी0के0 मिश्र | 17.04.2015 | 10.02.2016 |
| 28 | श्री ए0ए0 अन्सारी | 10.02.2016 | 16.10.2016 |
| 29 | श्री हीरा लाल | 21.10.2016 | 17.12.2016 |
| 30 | श्री विक्रमादित्य सचान | 22.12.2016 | 15.05.2017 |
| 31 | श्रीमती दीपिका तिवारी | 19.05.2017 | 05.07.2017 |
| 32 | श्री विनोद कुमार मिश्र | 08.07.2017 | 21.08.2019 |
| 33 | श्री विपिन कुमार मिश्र | 29.08.2019 | 22.02.2020 |
| 34 | श्री राजीव नारायण मिश्र | 02.07.2020 | 01.02.2024 |
| 35 | श्री पंकज कुमार पाण्डेय | 04.02.2024 | 12.09.2025 |
| 36 | डा0 मीनाक्षी कात्यायन | 12.09.2025 | अब तक |
वाहिनी के शिविरपाल, दलनायक एवं गुल्मनायक
| क्र0 | पद/पीएनओ | नाम | दल/शाखा | मो0नं0 |
|---|---|---|---|---|
| 1 | शिविरपाल 140480029 | अतुल सिंह | मु0शाखा | 7310604540 |
| 2 | सीसी 160450921 | सुधीर कुमार सिंह | ए | 9807813374 |
| 3 | सीसी 050690275 | ब्रजेश कुमार राय | बी | 9451050661 |
| 4 | सीसी 150690029 | अनिल कुमार यादव | एफ | 8081934624 |
| 5 | सीसी 860570545 | बदन यादव | जी | 9415193423 |
| 6 | सीसी 150620035 | देवेन्द्र कुमार शुक्ल | एच | 9415841823 |
| 7 | सूबेदार मेजर 940620216 | मुक्तार यादव | मु0शाखा | 9450497793 |
| 8 | पीसी 150440451 | नीलेश कुमार सिंह | मु0शाखा | 7985041065 |
| 9 | पीसी 190647320 | आनन्द सिंह | ए | 8081756356 |
| 10 | पीसी 860500317 | विद्या शंकर राय | ए | 8957734218 |
| 11 | पीसी 231277149 | शानू कुमार | ए | 8318939240 |
| 12 | पीसी 880660569 | राज कुमार राम | ए | 6392583506 |
| 13 | पीसी 231277501 | अश्वनी कु0 पाण्डेय | बी | 9628121101 |
| 14 | पीसी 190647317 | रूपेश कुमार | बी | 9973616907 |
| 15 | पीसी 920670707 | विवेकानन्द तिवारी | बी | 8738987995 |
| 16 | पीसी 231278634 | अश्वनी कुमार राय | बी | 9170585892 |
| 17 | पीसी 932760384 | इन्द्रसेन सिंह | बी | 9454620871 |
| 18 | पीसी 890660227 | हरि किशुन मौर्य | बी | 8736954128 |
| 19 | पीसी 980560293 | सौरभ कुमार सिंह | सी | 9125968080 |
| 20 | पीसी 900560446 | रमेश पाण्डेय | सी | 9415783264 |
| 21 | पीसी 231278735 | सुजीत शर्मा | सी | 9044385335 |
| 22 | पीसी 920690738 | अशोक कुमार | सी | 9696517737 |
| 23 | पीसी 912920364 | राम मनोहर राम | सी | 7084492977 |
| 24 | पीसी 860660752 | राजनाथ राम | सी | 9473585823 |
| 25 | पीसी 840530604 | बृज बिहारी मिश्रा | डी | 8853856287 |
| 26 | पीसी 190647274 | गौरव सिंह | डी | 7838696147 |
| 27 | पीसी 850450169 | धीरेन्द्र बहादुर सिंह | डी | 9450624563 |
| 28 | पीसी 234230264 | सुशील कुमार प्रजापति | डी | 7376385975 |
| 29 | पीसी 960501454 | विनोद कुमार | डी | 8317016681 |
| 30 | पीसी 920660184 | रविन्द्र प्रसाद | डी | 7754928016 |
| 31 | पीसी 190647333 | दिलीप कुमार सिंह | ई | 8960397038 |
| 32 | पीसी 980660443 | बृजेश कुमार राय | ई | 9140453430 |
| 33 | पीसी 862560054 | अनन्त कुमार शुक्ला | ई | 7800080717 |
| 34 | पीसी 231277657 | विशाल गुप्ता | ई | 9795737274 |
| 35 | पीसी 890560110 | धर्मदेव राम | ई | 7068377546 |
| 36 | पीसी 234230059 | अनिकेत कुमार सिंह | एफ | 9140283469 |
| 37 | पीसी 231279305 | निरंजन कुमार पाल | एफ | 7667950840 |
| 38 | पीसी 850570177 | सुभाष चन्द्र | एफ | 8115829411 |
| 39 | पीसी 231278937 | अभिषेक पाण्डेय | जी | 9473631819 |
| 40 | पीसी 231279350 | अनल राय | जी | 9454550985 |
| 41 | पीसी 231278171 | संजीव सिंह | जी | 7978925361 |
| 42 | पीसी 210646193 | विश्वजीत यादव | जी | 9532390857 |
| 43 | पीसी 940650206 | अजय कुमार राम | जी | 8318884935 |
| 44 | पीसी 860530541 | प्रेमचन्द | जी | 7905145409 |
| 45 | पीसी 920720910 | शैलेश कुमार पाठक | एच | 8858155833 |
| 46 | पीसी 980530522 | ओमकार राय | एच | 8543075142 |
| 47 | पीसी 234230668 | आकाश कुमार | एच | 9525285155 |
| 48 | पीसी 234230206 | अंकुश गौड़ | एच | 8299771714 |
| 49 | पीसी 234230134 | अजय कुमार | एच | 9169744808 |
| 50 | पीसी 210646207 | अनिल कुमार | आई | 8081379860 |
| 51 | पीसी 980690055 | गोविन्द कुमार चैबे | आई | 9452800036 |
| 52 | पीसी 860610308 | संजय कुमार पाण्डेय | आई | 9452641304 |
| 53 | पीसी 840690821 | पदम सिंह यादव | आई | 8707697577 |
| 54 | पीसी 231276986 | साजन कुमार | आई | 7985595710 |
| 55 | पीसी 890450321 | दलसिंगार प्रसाद | आई | 6387496446 |
वाहिनी के हेरीटेज बिल्डिंग की फोटोग्राफ व उनका इतिहास
भुल्ल्नपुर पैलेस का निर्माण राजा मुंशी माधवलाल द्वारा वर्ष 1895 में किया गया था। इस भवन के निर्माण में लगभग 10 वर्ष का समय लगा राजा मुंशी माधवलाल के उत्तराधिकारी मुंशी कृष्ण बिहारी लाल आदि ने वर्ष 1936 मे इस भवन एवं पूर्ण भूमि 71.72 एकड में बना है। हाइनेस तिन बड़ी महारानी पत्नी हिजहाइनेस चन्द्र शमशेर जंगबहादुर राना भूतपूर्व प्रधानमंत्री नेपाल को बेच दिया। वर्ष 1973 में नेपाल की रानी जगदम्बा कुमारी देवी ने इस भवन तथा 35 एकड़ भूमि को सम्पूर्णानन्द मेडिकल कालेज चलाने हेतु टैगोर मेमोरियल सोसाइटी वाराणसी को किराये पर दे दिया। उक्त मेडिकल कालेज को उ0प्र0 सरकार ने बन्द कर दिया गया और तब से यह भवन स्वास्थ्य चिकित्सा निदेशक के नियंत्रण में रहा।
इस वाहिनी में दिनांक 22.05.1976 को इस पैलेस से संलग्नक भूमि पर तम्बू लगाकर कैम्प किया श्री कालीशंकर त्रिपाठी, पुलिस उपमहानिरीक्षक पीएसी पूर्वी जोन वाराणसी के निर्देशन मे इस वाहिनी के अधिकारीगण द्वारा सतत कठिन प्रयास के फलस्वरूप दिनांक 10.07.1976 को यह भवन खाली हो सका और इस वाहिनी के कब्जे मे आया।




