34वीं वाहिनी पीएसी वाराणसी

प्रादेशिक आर्म्‍ड कांस्टेबुलरी

34वीं वाहिनी का इतिहास

गृह मन्त्रालय भारत सरकार नई दिल्ली के पत्र संख्याः11/98/71 जी एडक्यू दिनांक 18.11.1971 के आलोक में उत्तर प्रदेश शासन, गृह अनुभाग-दो के आदेश दिनांकित 14.02.1972 द्वारा यह वाहिनी इण्डिया रिजर्व वाहिनी के रूप में गठित हुई। सर्वप्रथम इस वाहिनी के लिये छः कम्पनिया क्रमशः 26वीं वाहिनी पीएसी गोरखपुर, 05वीं वाहिनी पीएसी रामनगर वाराणसी, 28वीं वाहिनी पीएसी चुनार मीरजापुर, चतुर्थ वाहिनी पीएसी धूमनगंज इलाहाबाद व 25वीं वाहिनी पीएसी नैनी इलाहाबाद में प्रशिक्षणोपरान्त संगठित होकर जुलाई, 1972 में चतुर्थ वाहिनी पीएसी इलाहाबाद में एकत्रित हुई, जहा से एशियाई मेला नई दिल्ली तथा शान्ति व्यवस्था ड्यूटी हेतु हैदराबाद, गोवा, पटना आदि दुर्गम/दूरस्थ स्थानों पर कठिन कर्तव्यों का निर्वहन करती हुई जनवरी 1974 में अलीगढ़ में पुनः वापस आयी, जहा वाहिनी का अस्थाई मुख्यालय स्थापित हुआ। दिनांक 26.03.1974 को पुनः यह वाहिनी अलीगढ़ से जम्मू कश्मीर में प्रतिनियुक्ति पर भेजी गयी। प्रतिनियुक्ति की अवधि समाप्त होने के उपरान्त यह वाहिनी दिनांक 02.02.1975 को जम्मू कश्मीर से पुलिस लाईन जनपद-वाराणसी व पंचकोसी मार्ग के धर्मशालाओं में अल्प समय के लिए अस्थायी रूप से आवासित होने के उपरान्त पुलिस उप महानिरीक्षक, पीएसी पूर्वी अनुभाग तथा तत्कालीन सेनानायक, 34वीं वाहिनी पीएसी एवं जिलाधिकारी, जनपद-वाराणसी व अन्य अधिकारियों के अथक प्रयास से ग्राम-भुल्लनपुर वाराणसी में स्थित पक्की चहारदीवारी से घिरी भुल्लनपुर कोठी व बालचन्द्र पैलेस के नाम से विख्यात मुख्य भवन एवं भूमि पर दिनांक 22-05-1976 को आवासित हुई। मार्च 1975 से यह वाहिनी उ0प्र0 की अन्य पीएसी वाहिनियों के समान प्रान्तीय सशस्त्र बल में समायोजित की गई।

इस वाहिनी का मुख्यालय वाराणसी कैण्ट रेलवे स्टेशन से 06 किमी की दूरी पर वाराणसी इलाहाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है। पक्की चहारदीवारी से घिरी इस कोठी के समस्त भूमि व भवन के मुख्य स्वामी राजा माधव मुन्शी लाल थे, जिनके उत्तराधिकारी मुन्शी कृष्ण लाल हुए, जिन्होने समस्त भवनों सहित संलग्न 71.57 एकड़ भूमि बड़ी रानी धर्मपत्नी स्व0 श्री महराजा शमशेर जंग बहादुर राणा, लेफ्टिनेन्ट जनरल शंकर शमशेर बहादुर राणा तथा मेजर जनरल मदन शमशेर जंग बहादुर राणा के हित में वर्ष 1936 ई0 में बेच दिया, जिसकी उत्तराधिकारी कालान्तर में रानी श्रीमती जगदम्बा कुमारी देवी हुईं। इस समस्त भूमि में से रानी जगदम्बा कुमारी देवी ने दान-पत्र के द्वारा वर्ष 1966 में 18.13 एकड़, 3.03 एकड, 10 एकड़ व 04 एकड़ भूमि क्रमशः बालचन्द्र पैलेस, ट्रस्ट श्री विद्याधर्म प्रचारिणी नैपाली समिति, श्री त्रैलोक्य मान्य जोशी व श्री बु़द्धिनाथ भट्टराई को प्रदान कर दिया गया तथा शेष भूमि व भवन स्वयं अपने पास ही रखा। जिसमें से मुख्य भवन व 35 एकड़ भूमि का रू0 3500-00 प्रति माह किराया वाहिनी द्वारा उन्हें दिया जाता रहा। ज्ञातव्य है कि भुल्लनपुर कोठी के नाम से प्रसिद्ध इस मुख्य भवन का निर्माण 1895 ई0 में हुआ। इस कोठी की ऊपरी छत पर एक धूप घड़ी निर्मित है, जिसे श्रीयुत माधव लाल मुन्शी की प्रेरणा से पण्डित चन्द्रदेव ने सम्वत् 1956 अर्थात 1900 ई0 में स्थापित कराया जो आज भी समय को प्रदर्शित करती है।

वाराणसी नगर में इस प्रकार की भूमि अन्यत्र मिलना दुर्लभ था, जिसके कारण इसी स्थान पर स्थाई रूप से इस वाहिनी को आवासित करने हेतु तत्कालीन ज्येष्ठ सहायक सेनानायक डा0 दयानिधि मिश्र तथा तत्कालीन सेनानायक श्री चन्द्रशेखर जेम्सदास के व्यक्तिगत प्रयास से 26 जून 1981 को चयन समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें तत्कालीन जिलाधिकारी वाराणसी, ज्येष्ठ पुलिस अधीक्षक वाराणसी, अधिशासी अभियन्ता सा0लो0नि0वि0 खण्ड वाराणसी, मुख्य चिकित्साधिकारी वाराणसी एवं सेनानायक, 34वीं वाहिनी पीएसी सदस्य थे। समिति ने सर्वसम्मति से वाहिनी के स्थायी निर्माण हेतु वर्तमान स्थल को उपयुक्त पाते हुए इसके क्रय व अधिग्रहण की संस्तुति की, तदोपरान्त पुलिस महानिरीक्षक पीएसी पूर्वी अनुभाग श्री जे0 एन0 अवस्थी के मार्ग-दर्शन में उपर्युक्त भूमि में से सींलिग मुक्त लगभग 25 एकड़ भूमि क्रय किये जाने हेतु उ0प्र0 शासन को तत्कालीन सेनानायक श्री चन्द्रशेखर जेम्स दास द्वारा ठोस प्रस्ताव प्रेषित किया गया।

भुल्लनपुर ग्राम में स्थित बालचन्द पैलेस के नाम से विख्यात मुख्य भवन, समस्त निर्मित स्थानों,पक्का तालाब सहित सीलिंग मुक्त 24.05 एकड़ भूमि को इनके स्वामीगण श्रीमती रानी जगदम्बा कुमारी देवी, श्री त्रैलोक्यमान जोशी, श्री बुद्धिनाथ भट्राई, विद्याधर्म प्रचारिणी नैपाली समिति बालचन्द्र पैलेस ट्रस्ट ने 34वीं वाहिनी पीएसी के हित में मार्च 31, 1983 को रू0 13,70,827-21 में बिक्रय व हस्तानान्तरण किया गया, जिससे वाहिनी के स्थायी निर्माण की परिकल्पना साकार हुई। इसका श्रेय श्री रामाश्रय, तत्कालीन पुलिस उपमहानिरीक्षक पीएसी पूर्वी अनुभाग, श्री मुमताज अहमद, तत्कालीन सेनानायक, डा0 दयानिधि मिश्र, तत्कालीन ज्येष्ठ सहायक सेनानायक को जाता है, जिनकी प्रशासनिक पटुता व अहर्निश व्यक्तिगत प्रयास से यह सम्भव हो सका। वाहिनी के स्थाई निर्माण के लिए क्रय हुई 24.05 एकड़ भूमि पर्याप्त न होने के कारण शेष 42.75 एकड़ भूमि के अर्जन हेतु डा0 दयानिधि मिश्र द्वारा प्राथमिक औपचारिकताओं की पूर्ति किये जाने के उपरान्त तत्कालीन सेनानायक श्री मुमताज अहमद द्वारा प्रभावी प्रस्ताव नियमानुसार उ0प्र0 शासन को प्रेषित किया गया।

सोलर पावर प्लान्ट की स्थापना

भारत सरकार द्वारा गैर पारम्परिक उर्जा श्रोत ‘‘सोलर पावर प्लान्ट’’ के उपयोग द्वारा बिजली की बचत के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से वाहिनी परिसर में भारत सरकार एवं यू0पी0 नेडा के द्वारा रू0 1,53,09,000-00 (एक करोड़ तिरपन लाख, नौ हजार) की लागत पर निःशुल्क 270 किलोवाट की क्षमता का ‘‘सोलर पावर प्लान्ट’’ स्थापित कराया गया है। अवगत कराया गया है कि सोलर पावर प्लान्ट से बिजली पर होने वाले व्यय में कमी आयेगी तथा निःशुल्क बिजली का उत्पादन सम्भव हो सकेगा। इस सोलर प्लान्ट से उत्पादित होने वाली बिजली को उ0प्र0 पावर कारपोरेशन, लिमिटेड द्वारा संचालित होने वाले पावर हाउस के ग्रिड से जोड़ दिया गया है तथा एक नेट मीटर (आयातित एवं निर्यातित बिजली का मूल्यांकन) कार्यदायी संस्था द्वारा लगाया गया। सोलर प्लान्ट से उत्पादित होने वाली बिजली नेट मीटर के माध्यम से ही पावर कारपोरेशन के ग्रिड को निर्यात की जा रही है। सोलर से निर्यातित मात्रा में बिजली के समानुपात में पावर कारपोरेशन द्वारा जो विद्युत सप्लाई वाहिनी को की जायेगी उसका कोई शुल्क पावर कारपोरेशन द्वारा नही लिया जाता है। यह कार्य प्रदेश में किसी भी वाहिनी में प्रथम बार हुआ है कि 270 किलोवाट की क्षमता का सोलर पावर प्लान्ट, जो भारत सरकार की योजना एवं लागत पर निःशुल्क लगवाया गया है।

श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर/ज्ञानवापी मस्जिद परिसर की सुरक्षा हेतु सुरक्षा लाईन्स बैरक का निर्माण

34वीं वाहिनी जोन क्षेत्र के अन्तर्गत श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर/ज्ञानवापी मस्जिद परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में प्रदेश की विभिन्न वाहिनियों से कुल 07 दल व्यवस्थापित रहते हैं, जिनके लिए जनपद-वाराणसी में कोई उपयुक्त कैम्प स्थल उपलब्ध नहीं था, जिसके समाधान हेतु जोन क्षेत्र में व्यवस्थापित 07 दलों हेतु 07 बैरक का निर्माण कार्य वाहिनी परिसर के अन्दर कराये जाने हेतु दिनांक 28.02.2011 को प्रस्ताव उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय, प्रयागराज के माध्यम से स्वीकृति हेतु उ0प्र0 शासन को प्रेषित किया गया, जिसके आधार पर उ0प्र0 शासन के शासनादेश संख्याः531/6-पु-7-13- 2(95)/2011 दिनांक 31.03.2013 द्वारा 02 बैरक तथा शासनादेश संख्याः218/2016/1042/6-पु- 7-16- 2(95)/2011 दिनांक 20.09.2016 द्वारा 05 बैरकों का निर्माण कार्य कराये जाने हेतु प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हेतु उ0प्र0 पुलिस आवास निगम, लिमिटेड को कार्यदायी संस्था नामित किया गया। कार्यदायी संस्था द्वारा स्वीकृत कुल 07 बैरकों का निर्माण कार्य पूर्ण होने के फलस्वरूप दिनांक 14.10.2016 को वाहिनी के भार पर हस्तानान्तरित कर लिया गया है, जिसमें श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर/ज्ञानवापी मस्जिद परिसर की सुरक्षा में नियुक्त दलों के जवान आवासित हैं।

पराक्रम प्रदर्शन/शहीद का विवरण

उ0प्र0 पीएसी मुख्यालय लखनऊ के पत्र संख्या पीएसी-1-484(1)84 दिनांक 27.08.1984 के अनुसार नवसृजित कम्पनियों के लिए रिक्रूट आरक्षियों को दिनांक 01.10.84 को भर्ती किया गया, तत्पश्चात इस वाहिनी में दो कम्पनी और क्रियाशील होने के उपरान्त कुल 08 कम्पनियों का गठन हुआ। पीएसी मुख्यालय लखनऊ के आदेश दिनंाकित 14.12.2005 एवं 21/22.12.2005 के अनुपालन में इस वाहिनी के ‘‘एच’’ कम्पनी को नव सृजित 48वीं इण्डिया रिजर्व वाहिनी राबर्ट्सगंज सोनभद्र भेज दी गयी, फलस्वरूप पुनः इस वाहिनी में कुल 07 कम्पनिया शेष रह गयीं। आदेश संख्या-सै0सहा0-25/2006 दिनांक 31.05.2006 के द्वारा वाहिनी के जी दल को कमाण्डो दल के रूप में परिवर्तित किया गया, जिसका व्यवस्थापन 02 प्लाटून 32वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ एवं 01 प्लाटून वाहिनी में गहन प्रशिक्षण हेतु रखा गया। इसी दौरान स्व0 आरक्षी 940560350 उमाशंकर यादव इस वाहिनी के कमाण्डों दल में कार्यरत रहते हुये एस0टी0एफ0, लखनऊ में ड्यूटी पर थे, जहा से इनकी ड्यूटी एस0टी0एफ0 टीम के साथ आई0एस0-229 अम्बिका पटेल उर्फ ठोकिया गैंग आपरेशन में थी, कि दिनांक 22.07.2007 की रात्रि में उक्त गैंग से कोल्हुआ जंगल चित्रकूट(बादा) में हुई मुठभेड़ के बाद वापस आते समय एस0टी0एफ0 टीम के ऊपर दस्यू दल द्वारा एम्बुस लगाकर किये गये हमलें में आरक्षी 940560350 उमाशंकर यादव शहीद हो गये।

34वीं वाहिनी पीएसी में सेनानायकों का कार्यकाल

क्र0सं0 नाम कब से कबतक
1 श्री एम0के0 राजू 03.08.1973 02.07.1975
2 श्री एम0सी0 जोहरी 03.02.1976 14.06.1979
3 श्री एस0आर0 दारापुरी 16.07.1979 17.12.1980
4 श्री सी0एस0 जमेशदास 18.12.1980 07.07.1981
5 श्री मुमताज अहमद 08.07.1981 15.12.1983
6 श्री प्रेमचन्द 16.12.1983 25.08.1984
7 श्री एम0डी0 पाठक 13.07.1984 09.08.1989
8 श्री एस0आर0 दारापुरी 01.06.1990 03.07.1991
9 श्री डी0सी0 पाण्डेय 12.07.1991 08.06.1994
10 श्री एम0ए0 गणपति 09.06.1994 29.12.1994
11 श्री जी0एन0 सिंह 21.02.1995 31.12.1995
12 श्री जी0एल0 मीना 20.01.1996 16.08.1996
13 श्री जी0एन0 सिंह 15.12.1996 04.10.1997
14 श्री मुरलीधर 04.10.1997 30.11..2001
15 श्री प्रकाश डी 11.12.2001 10.05.2002
16 श्री एस0एन0 साबत 21.05.2002 03.01.2003
17 श्री प्रकाश डी 25.06.2003 05.07.2003
18 श्री एस0एन0 साबत 06.07.2003 25.05.2004
19 श्री एच0एस0 शुक्ला 04.07.2004 31.01.2006
20 श्री राजा श्रीवास्तव 12.02.2006 30.05.2006
21 श्री नवीन अरोरा 16.06.2007 17.08.2007
22 श्री एस0के0 भगत 25.08.2007 24.10.2007
23 श्री के0 सत्यनारायण 16.02.2008 16.11.2009
24 श्री आर0पी0 चतुर्वेदी 14.02.2010 11.05.2012
25 श्री हीरा लाल 24.10.2013 12.11.2013
26 श्री राजेश डी मोदक 19.02.2014 21.12.2014
27 श्री पी0के0 मिश्र 17.04.2015 10.02.2016
28 श्री ए0ए0 अन्सारी 10.02.2016 16.10.2016
29 श्री हीरा लाल 21.10.2016 17.12.2016
30 श्री विक्रमादित्य सचान 22.12.2016 15.05.2017
31 श्रीमती दीपिका तिवारी 19.05.2017 05.07.2017
32 श्री विनोद कुमार मिश्र 08.07.2017 21.08.2019
33 श्री विपिन कुमार मिश्र 29.08.2019 22.02.2020
34 श्री राजीव नारायण मिश्र 02.07.2020 01.02.2024
35 श्री पंकज कुमार पाण्डेय 04.02.2024 12.09.2025
36 डा0 मीनाक्षी कात्यायन 12.09.2025 अब तक

वाहिनी के शिविरपाल, दलनायक एवं गुल्मनायक

क्र0    पद/पीएनओ नाम दल/शाखा मो0नं0
1 शिविरपाल 140480029 अतुल सिंह मु0शाखा 7310604540
2 सीसी 160450921 सुधीर कुमार सिंह 9807813374
3 सीसी 050690275 ब्रजेश कुमार राय बी 9451050661
4 सीसी 150690029 अनिल कुमार यादव एफ 8081934624
5 सीसी 860570545 बदन यादव जी 9415193423
6 सीसी 150620035 देवेन्द्र कुमार शुक्ल एच 9415841823
7 सूबेदार मेजर 940620216 मुक्तार यादव मु0शाखा 9450497793
8 पीसी 150440451 नीलेश कुमार सिंह मु0शाखा 7985041065
9 पीसी 190647320 आनन्द सिंह 8081756356
10 पीसी 860500317 विद्या शंकर राय 8957734218
11 पीसी 231277149  शानू कुमार 8318939240
12 पीसी 880660569 राज कुमार राम 6392583506
13 पीसी 231277501 अश्वनी कु0 पाण्डेय बी 9628121101
14 पीसी 190647317 रूपेश कुमार बी 9973616907
15 पीसी 920670707 विवेकानन्द तिवारी बी 8738987995
16 पीसी 231278634 अश्वनी कुमार राय बी 9170585892
17 पीसी 932760384 इन्द्रसेन सिंह बी 9454620871
18 पीसी 890660227 हरि किशुन मौर्य बी 8736954128
19 पीसी 980560293 सौरभ कुमार सिंह सी 9125968080
20 पीसी 900560446 रमेश पाण्डेय सी 9415783264
21 पीसी 231278735 सुजीत शर्मा सी 9044385335
22 पीसी 920690738 अशोक कुमार सी 9696517737
23 पीसी 912920364 राम मनोहर राम सी 7084492977
24 पीसी 860660752 राजनाथ राम सी 9473585823
25 पीसी 840530604 बृज बिहारी मिश्रा डी 8853856287
26 पीसी 190647274 गौरव सिंह डी 7838696147
27 पीसी 850450169 धीरेन्द्र बहादुर सिंह डी 9450624563
28 पीसी 234230264 सुशील कुमार प्रजापति डी 7376385975
29 पीसी 960501454 विनोद कुमार डी 8317016681
30 पीसी 920660184 रविन्द्र प्रसाद डी 7754928016
31 पीसी 190647333 दिलीप कुमार सिंह 8960397038
32 पीसी 980660443 बृजेश कुमार राय 9140453430
33 पीसी 862560054 अनन्त कुमार शुक्ला 7800080717
34 पीसी 231277657 विशाल गुप्ता 9795737274
35 पीसी 890560110 धर्मदेव राम 7068377546
36 पीसी 234230059 अनिकेत कुमार सिंह एफ 9140283469
37 पीसी 231279305 निरंजन कुमार पाल एफ 7667950840
38 पीसी 850570177 सुभाष चन्द्र एफ 8115829411
39 पीसी 231278937 अभिषेक पाण्डेय जी 9473631819
40 पीसी 231279350 अनल राय जी 9454550985
41 पीसी 231278171 संजीव सिंह जी 7978925361
42 पीसी 210646193 विश्वजीत यादव जी 9532390857
43 पीसी 940650206 अजय कुमार राम जी 8318884935
44 पीसी 860530541 प्रेमचन्द जी 7905145409
45 पीसी 920720910 शैलेश कुमार पाठक एच 8858155833
46 पीसी 980530522 ओमकार राय एच 8543075142
47 पीसी 234230668 आकाश कुमार एच 9525285155
48 पीसी 234230206 अंकुश गौड़ एच 8299771714
49 पीसी 234230134 अजय कुमार एच 9169744808
50 पीसी 210646207 अनिल कुमार आई 8081379860
51 पीसी 980690055 गोविन्द कुमार चैबे आई 9452800036
52 पीसी 860610308 संजय कुमार पाण्डेय आई 9452641304
53 पीसी 840690821 पदम सिंह यादव आई 8707697577
54 पीसी 231276986 साजन कुमार आई 7985595710
55 पीसी 890450321 दलसिंगार प्रसाद आई 6387496446

वाहिनी के हेरीटेज बिल्डिंग की फोटोग्राफ व उनका इतिहास

भुल्ल्नपुर पैलेस का निर्माण राजा मुंशी माधवलाल द्वारा वर्ष 1895 में किया गया था। इस भवन के निर्माण में लगभग 10 वर्ष का समय लगा राजा मुंशी माधवलाल के उत्तराधिकारी मुंशी कृष्ण बिहारी लाल आदि ने वर्ष 1936 मे इस भवन एवं पूर्ण भूमि 71.72 एकड में बना है। हाइनेस तिन बड़ी महारानी पत्नी हिजहाइनेस चन्द्र शमशेर जंगबहादुर राना भूतपूर्व प्रधानमंत्री नेपाल को बेच दिया। वर्ष 1973 में नेपाल की रानी जगदम्बा कुमारी देवी ने इस भवन तथा 35 एकड़ भूमि को सम्पूर्णानन्द मेडिकल कालेज चलाने हेतु टैगोर मेमोरियल सोसाइटी वाराणसी को किराये पर दे दिया। उक्त मेडिकल कालेज को उ0प्र0 सरकार ने बन्द कर दिया गया और तब से यह भवन स्वास्थ्य चिकित्सा निदेशक के नियंत्रण में रहा।
इस वाहिनी में दिनांक 22.05.1976 को इस पैलेस से संलग्नक भूमि पर तम्बू लगाकर कैम्प किया श्री कालीशंकर त्रिपाठी, पुलिस उपमहानिरीक्षक पीएसी पूर्वी जोन वाराणसी के निर्देशन मे इस वाहिनी के अधिकारीगण द्वारा सतत कठिन प्रयास के फलस्वरूप दिनांक 10.07.1976 को यह भवन खाली हो सका और इस वाहिनी के कब्जे मे आया।